केजरीवाल महोदय कहा करते थे की मैंने इन दोनों पार्टियों भाजपा और कांग्रेस का रायता (केजरीवाल जी द्वारा टीवी चैनलों पर प्रयुक्त शब्द) बनाया हुआ है, हमें आपसे सहमत होना चाहिए, लेकिन साथ ही आपने सम्पूर्ण भारतीय राजनीति विशेषकर दिल्ली की राजनीती का भी रायता बनाकर रख दिया है, एक भगदड़ सा माहौल है, आरोपों प्रत्यारोपों का तूफ़ान सा उमड़ पड़ा है आपकी पार्टी के अंदर भी और बाहर भी, आप पता नहीं क्यों इतनी हड़बड़ी में हैं अरे थोड़ा धैर्य का प्रदर्शन करें, धरना स्थल से तो 'आप'ने अपने आपको अराजकतावादी घोषित कर दिया, पूरे देश की अव्यवस्था/अराजकता को छोडिये, पहले दिल्ली में व्याप्त अव्यवस्था/अराजकता को खत्म कर वहां की जनता को स्थिरता के साथ शुसाशन दीजिए और जनता से किये गए वादों पर अधिक ध्यान दीजिए,
और जो आप अपनी पार्टी के लोगों के गलत-सही कामो को न्यायसंगत बताते हैं इस दुश्प्रवृति को जितनी जल्दी हो छोडिये, आपने पहले राखी बिडलान का बचाव किया अब सोमनाथ भारती को बचने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं,
'आप' इतने आतिउत्साह (रणनीति के तहत) में हैं की आपने यहाँ तक कह दिया की अब 'आप' और भाजपा की सीधी लड़ाई है, कांग्रेस लड़ाई से बाहर है, 'आप' 300-500 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे , महोदय आप वामदलों और अन्य राज्यों के राजनीतिक दलों को कैसे भूल गए, इससे तो सीधे-सीधे यह प्रतीत होता है की आप केवल भाजपा को चुनौती देना चाहते हैं, इतनी जल्दबाजी ठीक नहीं हैं, कृपया आम आदमी पार्टी की विचारधारा, दर्शन, नीतियां, दृष्टी, राय स्पष्ट करें, नहीं तो विभिन्न विचारधाराओं (आम आदमी पार्टी के नेता खुद स्वीकार करते हैं की वो विभिन्न विचारधाराओं से आये हैं ) से 'आप' में शामिल हुए लोग समस्या पैदा करते रहेंगे और 'आप' का 'रायता' बनाते रहेंगे, कृपया अतिशीघ्र 'आम आदमी पार्टी' की विचारधारा, लोकसभा उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया, दर्शन, नीतियां, दृष्टी, राय को संयोजित/स्पष्ट कर जनता के सामने लाने की महती कृपा करें ताकि जनता का 'दही' 'रायता' ना बन सके,
'आप' इतने आतिउत्साह (रणनीति के तहत) में हैं की आपने यहाँ तक कह दिया की अब 'आप' और भाजपा की सीधी लड़ाई है, कांग्रेस लड़ाई से बाहर है, 'आप' 300-500 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे , महोदय आप वामदलों और अन्य राज्यों के राजनीतिक दलों को कैसे भूल गए, इससे तो सीधे-सीधे यह प्रतीत होता है की आप केवल भाजपा को चुनौती देना चाहते हैं, इतनी जल्दबाजी ठीक नहीं हैं, कृपया आम आदमी पार्टी की विचारधारा, दर्शन, नीतियां, दृष्टी, राय स्पष्ट करें, नहीं तो विभिन्न विचारधाराओं (आम आदमी पार्टी के नेता खुद स्वीकार करते हैं की वो विभिन्न विचारधाराओं से आये हैं ) से 'आप' में शामिल हुए लोग समस्या पैदा करते रहेंगे और 'आप' का 'रायता' बनाते रहेंगे, कृपया अतिशीघ्र 'आम आदमी पार्टी' की विचारधारा, लोकसभा उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया, दर्शन, नीतियां, दृष्टी, राय को संयोजित/स्पष्ट कर जनता के सामने लाने की महती कृपा करें ताकि जनता का 'दही' 'रायता' ना बन सके,
कृपया 'इक दिल के टुकड़े हज़ार हुए, कोई यहाँ गिरा कोई वहां गिरा' जैसी स्थिति पैदा न करें जैसा की जय प्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया और कांशीराम जी के जनांदोलनो से उपजे ये लालू, मुलायम, माया, पासवान इधर उधर(यूपी-बिहार) में फ़ैल कर करते आ रहे हैं साथ ही दोगुनी गति से भ्रष्टाचार, अराजकता, राजनैतिक आस्थिरता पैदा कर इन प्रदेशों को पीछे की ओर ले जा रहे हैं/थे
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